Category: ग़ज़ल

रुठ जाता हूं मैं खुद से अक्सर Famous Urdu Sher of Tanhai Shayari

रुठ जाता हूं मैं खुद से अक्सर. महफिलों में घुली तनहाइयां अक्सर. मंजर फिका- फिका कुछ दास हमसे. महफिलों में घुली रुसवाइयां अक्सर. मुझे पता तेरा आना एक
Read More

कब कहा मैंने ज़माना चाहता हूँ Hindi Ghazal By Imran Pathan

कब कहा मैंने ज़माना चाहता हूँ.. होठों पर तेरा फ़साना चाहता हूँ.. ज़िन्दगी तन्हा गुज़रती जा रही है.. तुझसे अब मैं दिल लगाना चाहता हूँ.. टूट जाते हैं
Read More

इतनी रोई हैं आँखें के आँसू बहाना मुझे अब याद नहीं रहता ! हिंदी ग़ज़ल

इतनी रोई हैं आँखें के आँसू बहाना मुझे अब याद नहीं रहता, आँखों में ख़ुशी के मोती पिरोना, मुझे अब याद नहीं रहता ॥ यूँ टूट कर बिखरी
Read More

खामोशी में एहसास-ए-कारवाँ- हिंदी ग़ज़ल

खामोशी खामोशी में एहसास-ए-कारवाँ, छुपा होता है, खामोश निगाहों में दिल-दीवाना, छुपा होता है, खामोश अरमानों में दर्द पुराना, छुपा होता है, खामोश काली घटाओं में, बादल-बिजली का
Read More

मोहब्बत… प्रेम कविता

मोहब्बत  – A Divine Love Poetry Hindi मोहब्बत रूहानी जज़्बात और है यारो, जहाँ में ढूंँढ़े नहीं पाओगे, रूह से रूह को मिलने दो, जज़्बातों में बस ढलने दो, पड़
Read More
error: Content is protected !!