Category: कविताएँ

बनारस घाट पर एक ‘अद्भुत’ कविता By अवधेश कुमार राय

आज फिर मौत का जिंदगी से जश्न हो गया है. सारी रात जलती रही चिंगारी लहरों से रस्क़ हो गया है. सुलगती रही एक खामोश जिंदगी पूरी रात
Read More
error: Content is protected !!