चलो भूल जाओ Hindi Poem By Awadh

चलो भूल जाओ जो कुछ बातें तुझे बतानी है.
मन के खुलासे की यादें जो तुझे बतानी है.
मुझे पता है दिल में कौन सी बात लिए बैठे हो.
उम्र भर की एक तलाश है जो तुम्हें बतानी है.

मुझे तलाश है खिलने वाले उस पलाश की.
तू ना जाने कहां होगा उसकी यादें हमें बतानी है.
जंगलों में मिलते नहीं ख़बर उन पलाशों की.
जंगलों से दूर उनकी तलाश हमें बतानी है.

शहतूत के पत्तों से पूछा ख़बर अपने पलाश की.
अपने रहगुजर की चाहते उसे बतानी है.
कब तलक तलाश मेरी एक पलाश बनती रहेगी.
उम्र भर की एक तलाश है जो तुम्हें बतानी है.

किस्से कहानियों से निकलकर ढूंढ लूंगा तुम्हें.
कहां गुम है जंगलों की शोभा हमें बतानी है.
नोच डाले हैं पत्ते – पत्ते से खूबसूरती.
जंगलों से दूर उनकी तलाश हमें बतानी है.

Sharing is caring!

Author Profile

Awadhesh Kumar Rai
Awadhesh Kumar Rai
I'm journalist Freelancer belongs to dhanbad. Associated to blog writer.
Poetry, current affairs

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *