नारियल के गुण एवं फायदे | Benefits Of Coconuts Hindi

नारियल ग्रीष्म ऋतु में शीतलता देने वाला तथा अपने आपमें एक विलक्षण फल है | दक्षिण भारत ,महाराष्ट तथा अन्य समुद्री जगहों में होने वाली गर्मी बचाव के लिए वहां के लोगो का पसंदीदा पेय रहा है – नारियल पानी |

हरे नारियल से प्रचुर मात्रा में नारियल पानी निकलता है |  हरे नारियल को स्थानीय भाषा में डाभ भी कहा जाता है नारियल को संस्कृत में नारिकेल कहते है ,वैसे इसे श्री फल भी कहा जाता है |

यह एक विलक्षण फल है क्योंकि यह टु इन वन है आप इसे पी भी सकते है तथा उसी वक्त खा भी सकते है | हरे नारियल का पानी खत्म हो जाने पर उसके अंदर नारियल मलाई बचती है ,जिसे चम्मच से खूब खुरचकर मौज  से खाया जा सकता है |

नारियल के पेड़ नमकीन पानी के आसपास लगते है , नारियल के पेड़ को खाद के रूप में नमक दिया जाए ,तो भी वह  खूब फलता -फूलता है |  इस फल को स्वास्थ्य के लिए के लिए  बेहतर माना जाता है | कच्चे नारियल या खाने वाले नारियल में कार्बोहाइड्रेट ,प्रोटीन ,विटामिन सी ,लोहा ,मैग्नीशियम और फास्फेट भरपूर मात्रा मिलते है |

सूखे नारियल  से तेल निकाला जाता है , जो रसोईघर में खाना पकाने में प्रयोग किया जाता है | अनेक शोधो से यह उजागर हुआ है की नारियल तेल काया में समायोजित ही नहीः होता है अपितु ऊर्जा देने के काम भी आता है |

नारियल तेल पाचन संस्थान को दुरस्त रखता है ,नारियल तेल यकृत के लिए भी मुफीद है तथा इससे चयापचय भी बढ़ता है | यदि आप नारियल तेल  प्रतिदिन प्रयोग में लाते है तो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है |

यह मान्यता असत्य है की नारियल तेल सेचुरेटेड प्रकार  की वसा वाला है ,इसलिए व्यक्ति  इसका प्रतिदिन प्रयोग भी नहीं करते | लोगो को दूसरे तेलों के साथ साथ रोजाना तीन से चार चम्मच नारियल का तेल सेवन करना चाहिए ताकि सेचुरेटेड अन सेचुरेटेड वसा का अनुपात संतुलित रहे | यदि दूसरे तेलों के साथ नारियल का तेल भी प्रयोग में लाया जाए तो स्वास्थ्य अच्छा होता है | इसके सही प्रयोग से व्यक्ति  कमर  साथ शरीर को भी निरोग रख सकता है |

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