सपनों के सही अर्थ को समझने के लिए ये काम जरुर करे !!

सपनो का मतलब एवं रहस्य  – Sapno ka Rahasya इन हिंदी में

सपने हर कोई देखता है , सपनो की दुनिया से सभी परिचित भी है और कोई इनसे अछुता नहीं है | लेकिन ये सपने क्या कहते है , इन सपनो के आने का क्या कारण है , इसका ज्ञान हरेक को नहीं होता | वास्तव् में सपनो का संबंध हमारे अचेतन मन से होता है | कई बार सपने आने वाले संकटों के सूचक भी होते है तो बहुत से लोगो को सपनों के माध्यम से अपनी समस्याओ का समाधान भी मिलते है | ऐसे बहुत से उदाहरण है ,जब लोगो को अपेक्षित कार्य में सफलता नहीं मिली तो उनका मार्गदर्शन उनके सपनों ने किया | सपनों के माध्यम से उन्हें ऐसे संकेत मिले , जिससे उन्हें महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई |

सपनों का संबंध स्वयं हमसे है | स्वप्न देखते समय हमारा शरीर तो सक्रिय नहीं होता म लेकिन हमारा अवचेतन व् अचेतन मन पूरी तरह सक्रिय होता है | और यह हमारे मार्ग में आने वाली परीस्थितियो का संकेत देता है | इसका अर्थ है की हमारा मन इतना सक्रिय होता है की वह भविष्य में घटने वाली घटनाओ के बारे में जान लेता है और सपनो के माध्यम से हमे संकेत करता है |

स्वप्न जगत में कभी कभी ऐसे सपने भी देखे जाते है जिनका सामान्य रूप से कोई अर्थ नहीं निकलता , लेकिन जो स्वप्नों के विश्लेषक होते है , वे उनका सही अर्थ बता देते है | देखे जाने वाले स्वप्न कभी बहुत स्पष्ट होते है तो कभी अस्पस्ट |

सपनो पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं होता है , पर कभी कभी सपनों के माध्यम से हमे ऐसे संकेत मिलते है जो उल्लेखनीय उपलब्धी का आधार बन जाती है | एक बार प्रशिद्ध इटेलियन चित्रकार “लियोनार्दी दि विन्ची ”  को चित्र बनाने के लिए कोई छवि नही सूझ रही थी बहुत प्रयास करने पर भी उन्हें कुछ ऐसा नही मिल पाया , जो उनके मन को भा जाए | लेकिन एक दिन सपने में उन्होंने एक महिला को एक मोहक मुस्कान के साथ देखा | वह छवि उनके मन में इतनी स्पस्ट थी की उन्होंने उस छवि को केनवास पर उतार दिया, उनकी यह पेंटिंग ही विश्वविख्यात पेंटिंग ‘मोनालिसा ’ थी |

वाल्टर होन्ट नामक एक अमरीकी वैज्ञानिक ने सिलाई मशीन में लॉक स्टिच का आविष्कार किया था , लेकिन इस आविष्कार से पहले वे रात दिन यह सोचने में गुजार देते थे की सुई में छेद कहाँ पर किया जाए , जिससे कपड़े को सिला जा सके | एक दिन सपने में उन्होंने देखा की वे अमेजन के जंगलो में नरभक्षियों के बीच फंस गये है | नरभक्षियों ने उन्हे खौलते पानी वाले भगोने में डाल दिया उन्होंने निकलने की बहुत कोशिश की , लेकिन सपने में नरभक्षि अपने भाले से उन्हें भीतर डाल देते थे | जागने के बाद जब उन्होंने अपने सपने का विश्लेषण किया तो उन्हें महसूस हुआ की सबके भाले के ऊपरी सिरे पर वैसा ही छिद्र था , जैसा सुइयों में होता है | इस सपने के माध्यम से उन्हें अपनी समस्या का हल मिल चूका था | इसके बाद ही उन्होंने लॉक स्टिच बनाया |

इस तरह ऐसे और भी कई उदाहरण है ,जहाँ व्यक्तियो को सपनों के माध्यम से अपनी समस्याओ के समाधान मिले , नई दिशा अथवा नई खोजे करने की प्रेरणा मिली | स्वप्न मात्र अचेतन से उभरी कुंठित भावनाओ की परिणिति नहीं है  वरन वे तो अद्र्शय जगत के साथ संवाद भी है , जिन्हें यदि भलीभांति समझ लिया जाए तो वे कारगर हो सकते है

सपनों के सही अर्थ को समझने के लिए आवश्यक है की मनुष्य अपने अवचेतन को सही से जाने , तभी वह परोक्ष जगत से प्राप्त संदेशो को स्वीकार कर सकता है | अपने अवचेतन को जानने का माध्यम मात्र चित की शुध्दी है और जैसे –जैसे चित शुद्ध होता है ,वैसे वैसे व्यक्तित्व के सभी आयाम स्वत: ही खुलते चले जाते है | सृष्टि के सभी रहस्यों को अनावृत करने का जरिया एक ही है और वह है व्यक्तित्व का परिष्कार , चित की शुध्दी और कर्मो का परिशोधन |

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