क्या आप जानते है RTI का पहला आवेदन कहाँ हुआ था ???

 आरटीआई कानून क्या है? –  What is RTI In Hindi

भारत की  संसद का यह एक ऐसा अधिनियम है जिसके अंतर्गत कोई भी आम नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से कोई भी जानकारी प्राप्त कर सकता है बस शर्त यह है की RTI के तहत पूछी जाने वाली जानकारी तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए | अगर आप चाहते है की आपके गाँव के विकास में किया गया सरकारी काम के विवरणों का आपको पता करना है तो आप RTI के जरिये सरकारी काम की सुचना प्राप्त कर सकते है जैसे स्कूल बनाने का कुल खर्चा कितना हुआ था  , सड़क बनाने में कितना पैसा लगा , ऐसे कई सरकारी काम है जिनके बारे में हम RTI के तहत सुचना प्राप्त कर सकते है |

आरटीआई कानून संसद द्वारा 15 जून 2005 को पारित किया गया था और 12 अक्तूबर 2005 को लागू हुआ। पहला आवेदन पुणे पुलिस स्टेशन को दिया गया था। यह नागरिकों के मौलिक अधिकार को संहिता देता है भारत में केवल जम्मू और कश्मीर ही ऐसे राज्य है जहाँ आप  RTI का इस्तेमाल नहीं कर सकते.

 

RTI से कोई भी उठा सकता है इनके ये लाभ  –

भारत का कोई भी आम नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से सुचना प्राप्त कर सकता है ये अधिकार एक आम नागरिक के पास है जो सरकार के काम या प्रशासन में और भी पारदर्शिता लाने का काम करता है. भारत में भ्रष्टाचार को मिटाने में  (RTI)  Right to Information का एक बहुत बड़ा योगदान है.

 

RTI से कैसे सूचना प्राप्त करे ? How to Get Information From RTI in Hindi??

प्रत्येक सरकारी विभाग में जन सुचना अधिकारी होता है. आप अपने आवेदन पत्र उसके पास जमा करवा सकते है. आवेदन पत्र का फॉर्मेट इन्टरनेट से भी डाउनलोड कर सकते है या फिर एक सफ़ेद कागज पर अपना आवेदन लिख सकते है जिसमे जन सुचना अधिकारी आपकी मदद करेगा. RTI का आवेदनपत्र आप किसी भी भाषा जैसे हिंदी, इंग्लिश या किसी भी स्थानीय भाषा में दे सकते हैं | अपने आवेदन पत्र की एक फोटो कॉपी करवा कर जन सुचना अधिकारी से प्राप्त कर ले. अगर आप ऑनलाइन आवेदन करना चाहते है तो आप https://rtionline.gov.in/ इस साईट पर जा कर केंद्र सरकार के किसी भी विभाग से जानकारी प्राप्त करने के अनुरोध कर सकते है | आवेदन पत्र जमा करने के तीस दिन के अन्दर आपको जवाब मिल जाएगा |

फीस – किसी भी सरकारी विभाग से जानकारी प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र के साथ 10/- रूपये की फीस जमा करनी होती है गरीबी रेखा के नीचे के आम जनता के लिए ये फीस नही देनी होती है |

RTI के दायरे में आने वाले सरकारी विभाग :

  • राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री दफ्तर
  • संसद और विधानमंडल
  • चुनाव आयोग
  • सभी अदालतें
  • तमाम सरकारी दफ्तर
  • सभी सरकारी बैंक
  • सारे सरकारी अस्पताल
  • पुलिस महकमा
  • सेना के तीनों अंग
  • पीएसयू – PSU
  • सरकारी बीमा कंपनियां
  • सरकारी फोन कंपनियां और
  • सरकार से फंडिंग पाने वाले एनजीओ

ऊपर दिए गये सभी सरकारी विभाग की सुचना भारत का आम नागरिक RTI की मदद से प्राप्त कर सकता है | प्रिय पाठको हम आपसे निवेदन करते है की आप इस लेख को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे जिससे सभी लोग इस जानकारी का फायदा उठा सके .

Sharing is caring!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *